सुखपाल खेहरा को बोलने की अनुमति देने की मांग पर सदन में हंगामा,कांग्रेस का वॉकआउट

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र में कांग्रेस विधायक सुखपाल खैरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद भी हंगामा हुआ।कांग्रेस सदस्यों ने खैरा को अपनी बात रखने की अनुमति देने की मांग की तो आम आदमी पार्टी सदस्यों ने इसका विरोध किया। स्पीकर कुलतार संधवा ने कहा कि खैरा अपने महिलाओं का अपमान करने वाले पोस्ट के लिए माफी मांगे।स्पीकर लगातार कहते रहे नोट अलाउड नोट अलाउड। खैरा ने भगवंत मान सरकार द्वारा लाई गई मावा धीया सत्कार योजना को लेकर पोस्ट किया था। इस पोस्ट को महिलाओं को अपमानजनक बताया जा रहा है।
इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि सुखपाल खैरा को माफी मांगनी चाहिए और उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए। खैरा के खिलाफ आप विधायकों ने नारेबाजी की। विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में आ गए। इस दौरान खैरा और चीमा के बीच जमकर नोकझोंक हुई। आप विधायकों ने आरोप लगाया कि यह असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वहीं नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने कहा कि खैरा ने सदन के बाहर जो बात कही है, उस पर सदन में विचार नहीं किया जाना चाहिए। बाजवा ने भी सीएम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया लेकिन स्पीकर ने उसे स्वीकार नहीं किया। स्पीकर संधवां ने कहा कि अगर खैरा माफी मांगते है तो आपके प्रस्ताव पर विचार कर सकते हैं।
विधानसभा में विवाद बढ़ने के बाद सदन को 20 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया । सत्र दोबारा शुरू होने पर आप विधायकों ने कांग्रेस विधायक खैरा की सदस्यता रद्द करने की मांग की। स्पीकर ने भी कहा कि बिना माफी खैरा को बात रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। आप और कांग्रेस दोनों विधायकों ने नारेबाजी की जिसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
इससे पहले कार्यवाही शुरू हुई तो हिमाचल सरकार की तरफ से एंट्री टैक्स बढ़ाने का विरोध किया गया। विधायक दिनेश चड्ढा ने सवाल पूछा कि क्या हिमाचल या अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों पर टैक्स लगाने पर पंजाब सरकार विचार कर रही है।
उन्होंने एडवोकेट जनरल ऑफिस और कानूनी माहिरों से राय लेकर टैक्स लगाने की मांग की। इस पर वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि वह स्थानीय निकाय और लोक निर्माण विभाग और कानूनों माहिरों के साथ बैठकर इस विचार करेंगे, जिसमें दिनेश चड्ढा भी शामिल हो सकते हैं। चीमा ने कहा कि कांग्रेस की हिमाचल सरकार की हालत दयनीय है जिस कारण उन्होंने एंट्री टैक्स 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया है।



