हरियाणा में फसल खरीद की प्रक्रिया में सरकार को किसान के डाटा की सुरक्षा की चिंता नहीं – आदित्य

इंडियन नेशनल लोकदल के विधायक आदित्य देवीलाल चौटाला ने यहां कहा कि राज्य सरकार ने रबी फसल खरीद की प्रक्रिया में किसानों के डाटा की सुरक्षा को लेकर कोई चिंता नहीं की है। उन्होंने कहा कि करीब डेढ़ माह के लिए नियुक्त युवाओं के लैपटॉप में किसानों से खरीद और भुगतान के आंकड़े दर्ज किए जा रहे है। इन युवाओं की सेवा पूरी होने के बाद इनके लैपटॉप में दर्ज होने वाला डाटा कैसे सुरक्षित होगा यह स्पष्ट नहीं है।
यहां पार्टी मुख्यालय पर मीडिया से बातचीत में विधायक आदित्य देवीलाल चौटाला ने कहा कि इसी तरह फसल खरीद के लिए किसान के अंगूठे के निशान और ट्रैक्टर ट्रॉली के नंबर जैसी शर्ते भी थोपी गई है।देश के किसी हिस्से में इस तरह की शर्ते नहीं है। वे जब स्वयं की फसल लेकर मंडी पहुंचे तो उनके साथ ऐसी कोई शर्त नहीं लागू की गई । अधिकारियों ने कहा कि उनके पास विकल्प मौजूद है।उन्होंने कहा कि जब उनके साथ शर्तमुक्त खरीद की जा सकती है तो आम किसान के साथ भी यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।
विधायक ने कहा कि किसान के डाटा सुरक्षा को लेकर इनेलो कानूनी राय लेकर हाइकोर्ट में याचिका दायर कर सकती है।उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री से फसल खरीद की इन शर्तों के बारे में पूछा जाता है तो वे जवाब देते है कि ये मेरे संज्ञान में नहीं है।उन्होंने कहा कि इनेलो नेता लगातार किसानों की मदद के लिए मंडियों का दौरा कर रहे है।दो विधायकों वाली पार्टी इनेलो किसानों के लिए चिंतित है जबकि 37विधायकों वाली कांग्रेस को कोई चिंता नहीं है।
आदित्य देवीलाल ने कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था बदतर हो गई है।इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष नफे सिंह के हत्यारों को सजा नहीं दी गई। विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने को लेकर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बनवाया था।विधानसभा में विपक्ष पर निंदा प्रस्ताव का कोई अर्थ नहीं।सरकार चाहती तो वर्ष 2023, में ही अधिनियम लागू कर देती।



