पंजाब विधानसभा पर प्रदर्शन के लिए बढ़ते कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने धक्के मारे
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का सदन में आरोप

पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को सदन में तब हंगामा हो गया जब नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने आरोप लगाया कि विधानसभा पर प्रदर्शन करने आ रहे कांग्रेस विधायकों को पुलिस ने धक्के मारें। इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायकों ने सदन के भीतर भी नारेबाजी की।
बाजवा ने सदन में कहा कि कांग्रेस विधायकों ने सुबह साढ़े नौ बजे विधानसभा के प्रवेश द्वार पर पंजाब की कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम रखा था। इस मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए दो काम रोको प्रस्ताव भी स्पीकर को भेजे गए थे।
बाजवा ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस विधायक तख्तियां लेकर विधानसभा की ओर बढ़ रहे थे, तब पुलिस अधिकारियों ने उन्हें रोक दिया और उनके साथ धक्कामुक्की की। विधानसभा परिसर में प्रवेश के दौरान भी स्टाफ ने विधायकों को धक्के दिए, जिससे उन्हें चोट भी लगी। बाजवा ने कहा कि विधायकों के कपड़ों तक पर हाथ डाला गया, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है। बाजवा ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहीं, उन्होंने कहा कि सीएम में जनरल डायर की आत्मा आ गई है। क्योंकि वह जालंधर में उनके घर में रहते हैं।
बाजवा ने सदन में कहा कि बुधवार को ईडी ने 11 स्थानों पर छापेमारी की। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले मोहाली के सन्नी एन्क्लेव में पांचवीं व छठी मंजिल से पैसों से भरे बैग फेंके जाने की बातें सामने आईं। फिल्मों की तरह पैसे फेंके गए थे। बाजवा ने कहा कि उस समय सुबह से लेकर शाम तक मुख्यमंत्री कार्यालय के एक करीबी का नाम चर्चा में रहा,शाम को ईडी के प्रेस नोट में सरकार के ही एक मंत्री का नाम लगा दिया
बाजवा ने आरोप लगाया कि पंजाब स्टेट इंडस्ट्रियल एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन के इंडस्ट्रियल प्लॉटों का व्यावसायिक इस्तेमाल कराया गया, जिससे करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मंत्रियों-संत्रियों की मिलीभगत से सरकारी खजाने को चूना लगाया गया है। उन्होंने गमाडा और पूडा में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग करते हुए ग्रेटर मोहाली क्षेत्र में बड़े स्तर पर हुए घोटाले का भी मुद्दा उठाया।



