
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से हरियाणा के जिले या उनके हिस्से अभी बाहर नहीं किए जाएंगे। राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की 42वीं अहम बैठक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने यह जानकारी दी।
राष्ट्रीय राजधानी योजना बोर्ड की बैठक नई दिल्ली में विज्ञान भवन में मंगलवार को संपन्न हुई। केंद्रीय विद्युत, आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के भविष्य के विकास और ढांचागत योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए एक बड़े फैसले के तहत अब दिल्ली एनसीआर के दायरे में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। यानी पांच राज्य एनसीआर से बाहर नहीं जाएंगे। सीएम सैनी ने स्पष्ट किया कि आज की बैठक के निर्णयों के तहत, हरियाणा के एनसीआर क्षेत्र में फिलहाल कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा एनसीआर क्षेत्र के हरियाणा से जुड़े जिलों में कई बदलाव नहीं हुआ है। इसे लेकर चर्चा जरूरी की गई है। वायु प्रदूषण से जुड़ी पाबंदियों को विभाजित किया जाएगा।
अरावली संरक्षण पर और जोर देते हुए परिवहन सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने पर जोर दिया जाएगा। बी-6 वाहनों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। मेट्रो तथा नमो भारत के विस्तार पर भविष्य में बढ़ती आबादी को देखते हुए जोर दिया जाएगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दो माह के बाद रीजनल प्लान 2041 को घोषित कर दिया जाएगा। इसमें एनसीआर के क्षेत्र में कोई कमी नहीं होगी। एनसीआर के पर्यावरण को सुधारने के लिए तीन श्रेणियों में बंदिशों को लागू किया जाएगा।
प्रदूषण के मद्देनजर बीएस 6 वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा। एनसीआर क्षेत्र में सड़कों पर दौड़ रहीं बीएस 1, 2, 3 को सड़कों से हटाने का काम किया जाएगा।
बीएस-4 वाहनों को अन्य जिलों में बेचा जा सकेगा।
बैठक के दौरान सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सम्मानित किया और उनका आभार जताया। बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की उपस्थिति भी बेहद महत्वपूर्ण रही, जहाँ उन्होंने दिल्ली और आस-पास के क्षेत्रों के विकास को लेकर अपने सुझाव रखे।



