
हरियाणा की भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार द्वारा दूसरे कार्यकाल के आखिरी दौर में 2014 में कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने के लिए बनाई गई नीति को सुप्रीम कोर्ट ने वैध करार देते हुए सैंकडों कर्मचारियों को राहत दे दी।
पंजाब और हरियाणा हाइकोर्ट से राहत न मिलने पर इस नीति को लेकर योगेध त्यागी वगैरह ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 16 जून 2014 और 18 जून 2014 की नियमितीकरण नीति: वैध करार दिया। सुप्रीमर कोर्ट के इस फैसले से जो कर्मचारी 16 जून और 18 जून 2014 की नीतियों के तहत पक्के किए गए थे, उनकी नियुक्ति अब पूरी तरह सुरक्षित है।
वर्तमान सरकार द्वारा कांग्रेस कार्यकाल के दौरान जो भी कर्मचारी नियमित किए गए थे उनके प्रमोशन वेतन और भत्तो पर रोक लगा दी गई थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सभी लाभ व प्रमोशन बहाल करने के आदेश दिए हैं। भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाई गई नियमितीकरण की नीतियों पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनी मोहर लगा दी है जिससे अब आगे कच्चे कर्मचारियों को भी नियमित किया जा सकेगा।



