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पंजाब में भगवंत मान सरकार ने वींबी जी राम जी योजना लागू करने के लिए जारी की अधिसूचना

पहले योजना के विरोध में विधानसभा में पारित करता था प्रस्ताव

पंजाब की भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार ने विधानसभा में विरोध प्रस्ताव पारित करने के बावजूद अब दिसंबर 2025 में केंद्र सरकार द्वारा नए अधिनियम के तहत मनरेगा की जगह लाई गई बीबी जी राम जी रोजगार योजना को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।पंजाब में नई रोजगार योजना एक जुलाई से लागू होगी।मान सरकार के इस यू टर्न पर पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वेडिंग ने सवाल किया है कि नई रोजगार योजना के विरोध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद भी इसे लागू करने के पीछे क्या भाजपा से कोई डील की गई है।

भगवंत मान सरकार ने छह माह से अधिक समय बाद योजना को राज्य में लागू करने का फैसला किया है। सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है और यह योजना 1 जुलाई से प्रभावी होगी। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी।

यह नई व्यवस्था केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम की जगह लागू किए गए बीजी जी राम जी अधिनियम के तहत लाई गई है। संसद ने इस कानून को पिछले वर्ष दिसंबर में पारित किया था, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। नई योजना को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है।

वर्ष 2005 में कांग्रेस नीत यूपीए सरकार ने मनरेगा की शुरुआत की थी, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी मिलती थी। नए कानून में यह अवधि बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।, पंजाब सरकार ने पहले इस कानून का विरोध करते हुए विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया था। कर्नाटक, केरल, पंजाब, तेलंगाना और झारखंड सहित पांच विपक्ष शासित राज्यों ने भी वीजी-जी राम जी अधिनियम का विरोध किया था और मनरेगा को बहाल करने की मांग की थी। पंजाब सरकार का कहना था कि नई व्यवस्था का असर गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों, अनुसूचित जाति समुदाय और ग्रामीण मजदूरों पर पड़ सकता है, जो आजीविका के लिए मनरेगा पर निर्भर हैं। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वीं बी जी राम जी योजना ग्रामीण विकास और रोजगार के क्षेत्र में नया अध्याय साबित होगी। उनके अनुसार, इस योजना से जल संरक्षण, ग्रामीण बुनियादी ढांचे का विकास, सड़क, पुल, स्कूल और आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण जैसे कार्यों को गति मिलेगी।

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के लिए 95,600 करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 1 जुलाई से योजना का सुचारू क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी मजदूर को रोजगार या मजदूरी के भुगतान में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले से आवंटित 30,000 करोड़ रुपये को जोड़कर इस योजना के लिए कुल फंड 1.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

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