
हरियाणा सरकार के कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाते हुए पंजाब के चार अस्पतालों को सूचीबद्ध किया है। अब हरियाणा के कर्मचारी व पेंशन पंजाब के अस्पतालों में गंभीर बीमारियों का इलाज करवा सकेंगे।
दरसल राजधानी चंडीगढ़ में काम करने वाले हरियाणा के हजारों कर्मचारी व पेंशनर चंडीगढ़ के सटे पंजाब के इलाकों में रहते हैं। इसके अलावा पंचकूला में काम करने वाले कर्मचारी भी पंजाब के मोहाली जिले में रहते हैं। लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो गई है। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने चंडीगढ़ में बताया कि हरियाणा सरकार ने पंजाब के चार प्रतिष्ठित अस्पतालों को उपचार के लिए सूचीबद्ध (एम्पैनल) किया है। इनमें होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, मुल्लांपुर, पंजाब (यह टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की यूनिट है ),होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल, संगरूर, पंजाब (यह भी टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई की यूनिट है), रीजनल स्पाइनल इंजरीज सेंटर, सेक्टर 70 मोहाली तथा पंजाब इंस्टिट्यूट ऑफ़ लिवर एंड बिलियरी साइंस, फेज 3 बी 1, सेक्टर 60 मोहाली शामिल हैं। इन अस्पतालों में कैंसर, रीढ़ की चोट और लिवर से संबंधित गंभीर बीमारियों का उन्नत उपचार उपलब्ध है।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि यह निर्णय राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को बेहतर और विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि कई बार गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए विशेष अस्पतालों की आवश्यकता होती है और इन अस्पतालों को सूचीबद्ध किए जाने से मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा। सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी आपात स्थिति, आपदा, महामारी या सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अधिक संख्या होने की स्थिति में ये सूचीबद्ध अस्पताल एंबुलेंस, आईसीयू/सीसीयू, बर्न यूनिट, वार्ड, बेड तथा मोर्चरी जैसी सुविधाएं भी आवश्यकता के अनुसार उपलब्ध करवाएंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह निर्देश पत्र जारी होने की तिथि से प्रभावी हो गए हैं।



