पंजाब में होगी ड्रग्स व सामाजिक आर्थिक जनगणना
नशे के विरूद्ध सरकार की मदद करेगा पिंड दा पहरेदार

पंजाब सरकार राज्य में नशा तथा सामाजिक-आर्थिक जनगणना करवाएगी। इसके लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। राज्य में यह पहला मौका होगा जब ड्रग्स जनगणना होगी। इसका स्वरूप कैसा होगा इसके बारे में बहुत जल्द सरकार ड्राफ्ट जारी करेगी। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने राज्य का बजट पेश करते हुए इस जनगणना के लिए सौ करोड़ रुपये आरक्षित रखे हैं।
हरपाल चीमा ने कहा कि चालू वर्ष के दौरान आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिसमें सटीकता, पारदर्शिता और डेटा सुनिश्चित करने के लिए एक साफ्टवेयर प्लेटफार्म विकसित किया गया है। जिसके चलते अप्रैल माह से यह जनगणना शुरू की जाएगी। इसके पीछे सरकार का तर्क है कि विश्वसनीय, साक्ष्य आधारित आंकड़े तैयार किए जा सकेंगे। इस जानकारी के आधार पर नशों के विरूद्ध अभियान चलाने में मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने युद्ध नशियां विरूद्ध अभियान चलाकर नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 52 हजार 331 तस्करों के विरूद्ध 36 हजार 686 मामले दर्ज किए गए हैं। 33 हजार किलोग्राम से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। नशों के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए पंजाब में 12 हजार ग्राम रक्षा समितियों का गठन किया गया है, जिमें एक लाख 25 हजार व्यक्तियों को पिंड दा पहरेदार बनाया गया है।
एंटी गैंगस्टर टास्क के गठन को सरकार का सही फैसला करार देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि अब तक 2762 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 34 का एनकांउटर किया गया है। 1062 मॉड्यूल का भंडाफोड़ करके 2203 हथियार बरामद किए गए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में इस अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।



