एक करोड़ 16 लाख का इनाम: इंटरनेशनल मैराथन में दौड़ा चंडीगढ़
3500 लोग पहुंचे, इनमें 38 विदेशी धावक

चंडीगढ़ में इंटरनेशनल स्तर की पहली और अब तक की सबसे बड़ी चंडीगढ़ मैराथन का आयोजन हुआ। यूटी खेल विभाग की ओर से यूटी प्रशासन के सहयोग से करवाई गई इस मैराथन की शुरुआत और समापन सेक्टर-एक स्थित चंडीगढ़ क्लब से हुआ। आयोजन का संदेश रन, राइज, रिपीट रखा गया था।
फुल मैराथन 42 किलोमीटर की होगी। निर्धारित रूट के अनुसार धावक पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से रॉक गार्डन, लेक क्लब, मटका चौक, ट्रांसपोर्ट लाइट, रोज गार्डन, पीजीआई गेट-3, लेजर वैली और सीएम हाउस से होते हुए वापस चंडीगढ़ क्लब पहुंची। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए हैं। कई रूट डायवर्ट किए गए थे।
मैराथन में कुल 1 करोड़ 16 लाख रुपये की इनामी राशि विजेता, उपविजेता और तीसरे स्थान पर आने वाले प्रतिभागियों को दी गई। प्रतियोगिता चार श्रेणियों में आयोजित की गई। इसमें फुल मैराथन (42 किमी), हाफ मैराथन (21 किमी), 10 किमी और 5 किमी फन रन थी। 18 वर्ष से लेकर 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के धावकों ने इसमें हिस्सा लिया। जबकि 5 किमी दौड़ फिटनेस जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित की गई।
खेल विभाग के अनुसार इस मैराथन के लिए देश के विभिन्न राज्यों से करीब 3500 प्रतिभागी पंजीकरण कराया था। इसके अलावा 38 विदेशी धावकों ने भी मैराथन में भाग लिया। अलग-अलग इवेंट का फ्लैग ऑफ सुबह 4 बजे से 7 बजे के बीच किया गया। शहर में इस आयोजन को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
पंजाब के गवर्नर और चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि इस मैराथन में बड़ी सख्या में धावकों ने हिस्सा लिया। 42 किमी, 21 किमी, 10 किमी और 5 किमी की दौड़ करवाई गई। 42 किमी की रेस 2 घंटे 17 मिनट के रिकॉर्ड टाइम में पूरी हुई, जबकि 21 किमी की रेस 1 घंटे 1 मिनट में खत्म हुई।
3500 से ज़्यादा पार्टिसिपेंट्स ने हिस्सा लिया, जो इवेंट की सफलता को दिखाता है। मैं सभी पार्टिसिपेंट्स और मीडिया को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद देता हूं। ज्यादा बच्चों को जोड़ने के लिए एक साइकिल मैराथन ऑर्गनाइज करने का भी प्लान है। चर्चा में पंजाब को ड्रग-फ्री बनाने की चल रही कोशिशों पर भी ज़ोर दिया गया, जिसमें पुलिस, एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन, पब्लिक और लीडर्स शामिल हैं।



