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बेअदबी पर आखिरी सांस तक कारावास की सख्त सजा वाला विधेयक सर्व सम्मति से पारित

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दंड के प्रावधान वाला जगत ज्योति श्री गुरु ग्रन्थ साहिब सत्कार संशोधन विधेयक सदन में सर्व सम्मति से पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने संशोधन विधेयक विधानसभा में पेश किया। विधेयक पर बहस भी हुई। सीएम ने शुरुआत में ही विपक्ष से अपील की कि वह वॉक आउट न करे और इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में भाग ले।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में बेअदबी विधेयक पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि अब तक 80 से 90 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को मानसिक रूप से बीमार बताकर मामला कमजोर कर दिया जाता रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नए विधेयक में इस पहलू को ध्यान में रखते हुए प्रावधान किया गया है और ऐसे मामलों में आरोपी की मानसिक स्थिति की जांच करवाई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस कानून में “उम्रकैद” का मतलब सिर्फ कुछ साल की सजा नहीं, बल्कि दोषी के जीवन के अंतिम समय तक जेल में रहना होगा। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में कस्टोडियन की भी स्पष्ट परिभाषा दी जाएगी, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह एक राज्य का विधेयक है, इसलिए इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है। साथ ही उन्होंने जोर दिया कि राज्यपाल से इस बिल को मंजूरी दिलवाना सरकार और विपक्ष दोनों की संयुक्त जिम्मेदारी है, और इसके लिए सभी दल एक साथ प्रयास करेंगे।मुख्यमंत्री ने सदन में यह भरोसा भी दिया कि यह बिल बार-बार विधानसभा में लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।

प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि उनकी पार्टी इस बिल का समर्थन करती है, लेकिन उनकी मांग है कि इस मामले की जांच के लिए बनी कमेटी की रिपोर्ट पहले सदन में पेश की जाए। उन्होंने कहा कि कमेटी ने अलग-अलग वर्गों के लोगों से बातचीत की है, इसलिए उसकी पूरी रिपोर्ट सामने आनी चाहिए।इस पर स्पीकर ने कहा कि कमेटी अपना काम कर रही है और वह अपनी रिपोर्ट जल्द ही सदन में पेश करेगी। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नकोदर कांड की जांच भी यही कमेटी करेगी।

‘जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक 2026′ रखा गया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता की रक्षा करना और बेअदबी जैसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना है।

सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे समाज में गहरी नाराजगी और तनाव की स्थिति पैदा हुई है। इन घटनाओं ने न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है बल्कि सामाजिक सद्भाव को भी प्रभावित किया है। सरकार ने यह भी कहा कि मौजूदा कानूनों में ऐसे मामलों के लिए सज़ा पर्याप्त कठोर नहीं है, इसलिए सख्त संशोधन की आवश्यकता महसूस की गई। संशोधन के तहत बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा अन्य कठोर दंडात्मक प्रावधान भी शामिल किए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सरकार का दावा है कि यह कानून समाज में शांति, भाईचारे और धार्मिक सम्मान को मजबूत करेगा।

यह भी स्पष्ट किया है कि यह कदम किसी भी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि धार्मिक पवित्रता और सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए उठाया गया है। विधेयक के अनुसार, जानबूझकर धार्मिक ग्रंथों की अवमानना करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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