Punjab

ईडी को मिला संजीव अरोड़ा का सात दिन का रिमांड

मंत्री पद पर बने रहने को लेकर भगवंत मान सरकार की ओर से कोई बयान नहीं

पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग के केस में इनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट ने गिरफ्तार कर गुरुग्राम की अदालत से सात दिन के रिमांड पर लिया है। शनिवार को हुई छापेमारी के वक्त वह चंडीगढ़ के सेक्टर-2 स्थित अपने सरकारी निवास पर ही थे।संजीव अरोड़ा के मंत्री पद पर बने रहने के बारे में पंजाब की भगवंत मान सरकार की ओर से कोई बयान नहीं आया।

ईडी टीम ने उनसे करीब 10 घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद शाम करीब 5 बजे ईडी टीम चंडीगढ़ और हरियाणा नंबर की गाड़ियों में उन्हें दिल्ली ले गई। मंत्री को रात को ही गुरुग्राम की अदालत में पेश किया। अदालत से ईडी को मंत्री की 7 दिन की रिमांड मिली है। अब टीम आगे की पूछताछ करेगी। मंत्री को 16 मई को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मंत्री की गिरफ्तारी के बाद पंजाब में आप नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। लुधियाना में आप और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और धक्कामुक्की हुई। आप कार्यकर्ताओं ने पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंककर जूते मारे। वहीं, जालंधर में मोदी जब-जब डरता है, ईडी को आगे करता है जैसे नारे लगे। अमृतसर में भाजपा राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ का आवास घेरा। यहां आप कार्यकर्ताओं ने पुलिस की बैरिकेडिंग तक तोड़ डाली।

इस मामले में आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी राज में एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पंजाब के लोगों के साथ पीएम मोदी धक्का कर रहे हैं। ईडी को पार्टी तोड़ने में लगाया है, किसी मनी लॉन्ड्रिंग को पकड़ने के लिए नहीं।

संजीव अरोड़ा के वकील ने मीडिया को बताया कि ईडी ने गिरफ्तार करने के बाद 10 दिन का रिमांड मांगा था। इसके लिए एप्लीकेशन फाइल की थी। कोर्ट में बहस हुई और 7 दिन का रिमांड ईडी को मिला है। वकील ने कहा- हमने अपना मुद्दा उठाया है। ईडी ने कोई जांच नहीं की है। 5 मई को केस रजिस्टर किया और 9 मई को गिरफ्तार कर लिया। यह सारा मामला राजनीति से प्रेरित है। वकील के अनुसार, कोर्ट में डेढ़ से दो घंटे सुनवाई चली। पहले जो रेड हुई थी, उनमें कुछ नहीं मिला। टीम केवल 2 मेाबाइल फोन लेकर आई थी। अब टीम को 7 दिन का रिमांड मिला है।

वकील ने बताया कि अदालत में दलील दी कि मंत्री इस मामले में शामिल नहीं थे और उन पर लगाए आरोपों का कोई आधार नहीं है। सप्लाई न होने के जो आरोप लगाए गए हैं, उनके संबंध में ईडी के पास कोई ठोस सामग्री नहीं है। कस्टम विभाग के पास सभी दस्तावेज हैं और कई सरकारी अधिकारियों ने उन्हें देखा है, लेकिन ईडी ने इन दस्तावेजों की जांच किए बिना ही सीधे गिरफ्तारी कर ली।

ईडी ने शनिवार सुबह ही मंत्री अरोड़ा पर छापेमारी चंडीगढ़ में उनके सरकारी घर, दिल्ली और गुरुग्राम के 5 ठिकानों में की। ईडी ने खुलासा किया कि अरोड़ा ने अपनी फर्मों के जरिए मोबाइल खरीद की करीब 157.12 करोड़ रुपए की फर्जी बिक्री और शेल कंपनियों के माध्यम से फर्जी एक्सपोर्ट किए।

इसके अलावा, दुबई से भारत में अवैध रकम की राउंड-ट्रिपिंग के लिए इन सामानों के एक्सपोर्ट का इस्तेमाल किया। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट पर जी एस टी रिफंड तथा ड्यूटी ड्रॉबैक लेने के लिए दिल्ली की गैर-मौजूद फर्मों से कई फर्जी जी एस टी खरीद बिल हासिल किए गए। इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा और व्यक्तिगत लाभ कमाया गया।

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