
हरियाणा पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान के तहत संगठित ड्रग नेटवर्क पर लगातार प्रहार किया है। राज्य में नशा तस्करों के खिलाफ की गई कार्रवाई के चलते पिछले छह वर्षों में एनडीपीएस एक्ट के तहत व्यावसायिक मात्रा से संबंधित मामलों में 2,353 एफआईआर दर्ज की गईं तथा 6,256 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके साथ ही नशे के कारोबार से हासिल अवैध संपत्तियों पर भी कड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 72.70 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां जब्त, फ्रीज अथवा कुर्क की जा चुकी हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख संजय कुमार ने पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक के दौरान यह जानकारी दी। इस बैठक में प्रदेश भर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, पुलिस महानिरीक्षकों, पुलिस आयुक्तों तथा पुलिस अधीक्षकों ने भाग लिया। इसी प्रकार, वर्ष 2021 से 2025 के दौरान अन्य राज्यों में दर्ज एनडीपीएस मामलों में वाणिज्यिक मात्रा (कमर्शियल क्वांटिटी) में गिरफ्तार हरियाणा के आरोपियों की निगरानी एवं वैरिफिकेशन के लिए 321 आरोपियों का विवरण संबंधित जिलों को भेजा गया।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा में नशा तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम, 1988 के अंतर्गत अब तक कुल 156 डिटेनशन (निवारक हिरासत) आदेश जारी किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उन आदतन एवं संगठित नशा तस्करों के विरुद्ध की गई है, जो लगातार मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त पाए गए। इन आदेशों के माध्यम से ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाते हुए राज्य में नशा तस्करी के नेटवर्क को कमजोर करने का प्रयास किया गया है।
बैठक में सामुदायिक पुलिसिंग व आउटरीच के विशेष अधिकारी एवं पुलिस महानिरीक्षक अंबाला रेंज पंकज नैन ने उदय हरियाणा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रदेश में ड्रग फ्री हरियाणा अभियान शुरू होने जा रहा है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर में नशामुक्ति को लेकर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस महानिदेशक हरियाणा अजय सिंघल ने कहा कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी तथा समन्वित तरीके से चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के भविष्य के लिए एक गंभीर चुनौती है। इसलिए सभी पुलिस इकाइयां नशा तस्करी के नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने के लिए संगठित एवं निरंतर कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने निर्देश दिए कि व्यावसायिक मात्रा के मामलों में संलिप्त आदतन एवं संगठित अपराधियों की पहचान कर उनके विरुद्ध पीआईटी-एनडीपीएस, संपत्ति कुर्की तथा अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क, वित्तीय लेन-देन और नशा तस्करी से हासिल अवैध संपत्तियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जिलों में प्राप्त सूचनाओं का प्रभावी विश्लेषण कर नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई की जाए।



