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बैंक में जमा हरियाणा के आठ विभागों के धन के गबन मामले में तीन आई ए एस समेत छह ठिकानों पर सीबीआई छापे

मामले में सीबीआई एक आरोप पत्र दाखिल कर चुकी, दूसरा दाखिल करने की तैयारी

हरियाणा के आठ विभागों,चंडीगढ़ नगर निगम और क्रेस्ट चंडीगढ़ से संबंधित 661 करोड़ रुपए के आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक की जमाओ से अन्य बैंक खातों में हस्तांतरित कर गबन करने के मामले में सीबीआई ने एक आरोपपत्र दाखिल करने के बाद अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल करने के लिए हरियाणा के तीन आई ए एस ओर नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी और उसके निदेशक के ठिकानों समेत छह ठिकानों पर शनिवार रात छापेमारी की।ये ठिकाने चंडीगढ़, पंचकूला और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में थे। हरियाणा केडर के आई ए एस मोहम्मद शाइन, पंकज अग्रवाल,प्रदीप कुमार और आई एफ एस नवनीत श्रीवास्तव के ठिकानों पर छापेमारी कर डिजिटल रिकॉर्ड एवं अन्य दस्तावेज जब्त किए।

सीबीआई के अनुसार, जांच के दौरान हरियाणा कैडर के वरिष्ठ तीन आईएएस, बैंक अधिकारियों और निजी संस्थाओं की मिलीभगत के सबूत सामने आए हैं। छापेमारी हरियाणा के वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों के अलावा नोएडा स्थित विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक के परिसरों पर भी की गई।

जांच एजेंसी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों ने कथित तौर पर बैंक खातों के संचालन, सरकारी धन के हस्तांतरण और बाद में उसे अन्य खातों में हस्तांतरित करने में भूमिका निभाई। इसके बदले उन्हें अनुचित लाभ मिलने के भी आरोप हैं।जांच में यह भी सामने आया है कि विपम कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते में अपराध से अर्जित धनराशि पहुंची, जिसे बाद में कंपनी के निदेशक के व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर किया गया। छापेमारी के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, संपत्ति संबंधी कागजात और अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है।

सीबीआई ने यह जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो तथा चंडीगढ़ पुलिस के आर्थिक अपराध थाना में दर्ज मामलों को अपने हाथ में लेने के बाद शुरू की थी। जांच के अनुसार इस घोटाले से हरियाणा सरकार के आठ विभाग तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के दो विभाग नगर निगम चंडीगढ़ और क्रेस्ट चंडीगढ़ प्रभावित हुए हैं एजेंसी के मुताबिक इस पूरे फर्जीवाड़े के कारण सरकारी खजाने को करीब 661 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

सीबीआई ने प्रारंभिक जांच पूरी करने के बाद पंचकूला स्थित विशेष सीबीआई अदालत में पहली चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस चार्जशीट में हरियाणा पावर जेनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद के अधिकारियों की भूमिका का उल्लेख किया गया है।

साथ ही यह भी बताया गया है कि किस प्रकार आई डी एफ सी फर्स्ट बैंक और एयू फाइनेंस बैंक में जमा सरकारी धन को सुनियोजित तरीके से अन्य खातों में ट्रांसफर कर गबन किया गया।

सीबीआई ने कहा है कि तीनों मामलों की जांच तेजी से जारी है और जांच में शामिल पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी जल्द ही अतिरिक्त चार्जशीट भी दाखिल करेगी। सीबीआई ने दोहराया कि वह वित्तीय अपराधों और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच के लिए प्रतिबद्ध है।

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