Punjab

अकाल तख्त जत्थेदार ने बेअदबी कानून को खारिज किए

सिखों की अलग पहचान को खत्म करने के हो रहे प्रयास:कुलदीप सिंह गडग़ज

अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडग़ज ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी के अवसर पर सिख कौम के नाम जारी संदेश में कहा है कि हुक्मरानों द्वारा समूचे विश्व में सिखों की अलग पहचान को खत्म करने की कोशिशें की जा रही है। जिसे सिख कौम किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। पंथ हमेशा से चढ़दीकला में था और चढ़दीकला में रहेगा।

ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के अवसर पर दरबार साहिब स्थित अकाल तख्त साहिब में तीन दिन से चल रहे अखंड पाठ के भोग शनिवार की सुबह डाले गए। ऑपरेशन ब्लू स्टार से संबंधित कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए भारी संख्या में सिख श्रद्धालु, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि आज सुबह से ही यहां पहुंचे हुए थे। पंडाल में मौजूद श्रद्धालुओं के हाथों में जरनैल सिंह भिंडरावाला की तस्वीरें तथा खालिस्तानी झंडे थे। कार्यक्रम के दौरान बीच-बीच में खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी भी चलती रही।

अरदास के बाद अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज ने कहा कि सिख अच्छा खाएं, अच्छा पहने लेकिन अगर उनका सम्मान नहीं तो वह हराम के बराबर है। उन्होंने कहा कि 6 जून 1984 को हुए घल्लूघारा के दौरान हमलावर हमारे देश के ही थे। सिख योद्धाओं ने उनका डटकर मुकाबला किया और शहादत दी। अकाल तख्त जत्थेदार ने हिमाचल में हो रही घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि पंजाब में समूचे देश के विभिन्न राज्यों के लोग स्थाई रूप से रह रहे हैं लेकिन सिख श्रद्धालु अगर दो दिन के लिए हिमाचल में जाते हैं तो उन पर हमले होते हैं। उनकी पहचान को चुनौती दी जाती है। लंबे समय से सिखों के विरूद्ध नफरती माहौल तैयार किया जा रहा है। पिछले कुछ समय से यह प्रयास तेज हुए हैं। सिख कौम एकजुटता के साथ इसका मुकाबला करने के लिए तैयार है।

उन्होंने बंदी सिंघों की रिहाई का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बलवंत सिंह राजोआणा के संबंध में वर्ष 2019 में फैसला आने के बाद सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। जगतार सिंह हवारा को उसकी मां से नहीं मिलने दिया जा रहा है। जत्थेदार ने बंदी सिंघों की रिहाई का समर्थन करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर समूची सिख कौम को एकजुट होकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने कहा कि जो चुनौतियां वर्ष 1984 में सिखों के सामने थी वही चुनौतियां आज भी सिखों के सामने हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सभी को एकजुट होना पड़ेगा।

ज्ञानी कुलदीप सिंह गडग़ज ने समूचे विश्व में बसे सिखों से अपील की कि पंजाब सिखों का होमलैंड हैं। वह विश्व के किसी भी कोने में क्यों न रहें लेकिन साल में एक बार अपने बच्चों को दरबार साहिब जरूर लेकर आएं, ताकि विदेशों में जन्म के बावजूद उन्हें अपनी जड़ों का पता लगे। जत्थेदार ने विदेशों में बसे सिखों से अपील की कि वह पंजाब में अपनी जमीनों को न बेचे। पंजाब के साथ जुड़़े रहें।

जत्थेदार ने कहा कि वर्ष 1984 में जिस प्रकार उस समय की सरकार ने सिखों पर अत्याचार किए और कई तरह के काले कानूनों में घेरा आज भी मौजूदा सरकार कई सिख विरोधी कानून लागू कर रही है। पंथ ने कभी भी ऐसे कानूनों को मान्यता नहीं दी है। गडग़ज ने पंजाब सरकार द्वारा बनाए गए बेअदबी कानून को खारिज करते हुए कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब के सत्कार के नाम पर गुरु ग्रंथ व गुरु पंथ को कानून के दायरे में लाने की साजिश रची जा रही है। गुरु धामों को सरकारी कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है। मांग बेअदबी के दोषियों के विरूद्ध कानून बनाने की थी लेकिन सरकार ने सिखों के विरूद्ध ही कानून बना दिया है।

जत्थेदार कुलदीप सिंह गडग़ज ने कहा कि देश के कई शहरों में प्लास्टिक बैन है लेकिन अमृतसर में इसका खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने कहा कि अमृतसर का 450 वां स्थापना दिवस आ रहा है। इसे सभी जत्थेबंदियों को मिलकर मनाना चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार से अपील की कि अमृतसर को सुंदर शहर बनाया जाए। यहां सफाई व्यवस्था को सुधारा जाए तो यह पंथ का सम्मान होगा।

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